
सुबह लगभग पांच बजे
पंछी की आँखें हल्के से फडफडाईं. पूरी बॉडी भारी, टूटी- सी. जैसे किसी ने उसकी हर नस को निचोड लिया हो.
और फिर—गुडगुड.
उसके पेट से ऐसी आवाज आई कि नींद भी डरकर भाग गई.


सुबह लगभग पांच बजे
पंछी की आँखें हल्के से फडफडाईं. पूरी बॉडी भारी, टूटी- सी. जैसे किसी ने उसकी हर नस को निचोड लिया हो.
और फिर—गुडगुड.
उसके पेट से ऐसी आवाज आई कि नींद भी डरकर भाग गई.

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