
महक अभी भी हाँफ रही थी, चूत चाटने से उसका रस बह चुका था, चादर गीली हो गई थी। अर्जुन ने उसे गोद में उठाया, बिस्तर पर उल्टा लिटाया – डॉगी स्टाइल में, गांड ऊपर, चेहरा तकिए में। महक की टाँगें फैली हुईं, चूत लाल और फूली हुई।
अर्जुन ने पीछे से उसके कूल्हे पकड़े, लंड को चूत पर रगड़ा – सिर क्लिट को छू रहा था। महक सिसकारी – "जी... अब... डालो... पूरी तरह... मैं तैयार हूँ..."




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