
यह रात तो किसी तरह गुजर गई.. और दिन भी माँ के साथ पिताजी की सेवा करते हुए बीत गया.. लेकिन पिंकी का दिल अभी कहीं ना कहीं अपने राज् की यादों में खोया हुआ था..
इसी तरह आज अस्पताल में रुकने की बारी उसकी थी..


यह रात तो किसी तरह गुजर गई.. और दिन भी माँ के साथ पिताजी की सेवा करते हुए बीत गया.. लेकिन पिंकी का दिल अभी कहीं ना कहीं अपने राज् की यादों में खोया हुआ था..
इसी तरह आज अस्पताल में रुकने की बारी उसकी थी..

Write a comment ...
Write a comment ...