
दोनों अभी भी एक-दूसरे में लिपटे हुए थे, पसीने से तर, सांसें तेज। कार्तिक का लंड अभी भी रीवा की चूत में था—अंदर, गहरा, धड़कता हुआ। रीवा की आंखें बंद थीं, चेहरा लाल, होंठ कांपते हुए। कार्तिक ने धीरे से उसे ऊपर उठाया, अपनी पीठ के बल लेट गया। अब रीवा उसके ऊपर थी—टांगें फैली हुईं, चूत अभी भी उसके लंड पर टिकी हुई।
कार्तिक ने उसकी कमर पकड़ी, आंखों में वही सनकी चमक। उसकी आवाज गहरी, डर्टी, लेकिन प्यार से भरी।




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