
रीवा अभी भी थकी हुई थी, लेकिन कार्तिक की भूख कभी नहीं मिटती। उसने अचानक रीवा को बेड से उठा लिया—दोनों हाथों से उसकी कमर पकड़कर, जैसे कोई खिलौना हो। रीवा की टांगें उसके कमर के चारों ओर लिपट गईं, चूत अभी भी गीली और गरम, कार्तिक के लंड पर टिकी हुई।
कार्तिक ने उसे गोद में उठाकर कमरे में चलना शुरू किया—धीरे-धीरे, हर कदम के साथ लंड अंदर-बाहर होता रहा। रीवा की पीठ दीवार से टकराई, फिर फिर चलते-चलते बेड के पास, फिर खिड़की के पास। हर कदम में धक्का।




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